बन गए सब घनचक्कर

बन गए सब घनचक्कर

नानी के घर से इकलू चूजा खुशी-खुशी लौटा था| अपने घर वापस आ कर वह बहुत खुश था| वह एकाएक कर अपने प्यारे खिलौनों से खेलने में मस्त हो गया| Read more about बन गए सब घनचक्कर

असली विजेता - Real Winner

असली विजेता

चिंपैजियों के बच्चों की साइकिल रेस शुरू होने जा रही थी| तभी शेरू अपनी बाइक ले कर वहां पहुंच गया और जिद करने लगा कि वह भी रेस में भाग लेगा| Read more about असली विजेता

लड्डू का स्वाद - Laddoo Taste

लड्डू का स्वाद

एक थी लोमड़ी और एक था खरगोश| दोनों में दोस्ती हो गई| दोस्त गांव की ओर चले| कुछ दूर जाने पर दोराहा आया| Read more about लड्डू का स्वाद

बेगम बटाना - Begam Bataana

बेगम बटाना

एक थे तैयब अली और एक थी उसकी बेगम| एक रोज बेगम भैंस दुहने बैठी थी कि उसे जोर से डकार आई, मानो पटाखा फूटा हो| Read more about बेगम बटाना

भूतों का पिता - Ghosts Father

भूतों का पिता

एक था लड़का| एक रोज वह काम की तलाश में मुंबई जाने के लिए तैयार हुआ| रास्ते में खाने के लिए मां ने उसे आलू के सात परांठे बना दिए| Read more about भूतों का पिता

अंट-संट - Ant Sant

अंट-संट

कांटे की एक नोक,
उस पर बसे तीन गांव
दो वीरान और एक में बस्ती ही नहीं| Read more about अंट-संट

परिचय से मिलता है साहस

नकल बिन अकल

एक पुरोहित था| उसके पड़ोस में एक नाई रहता था| नाई को एक विचित्र आदत थी| जो पुरोहित करे, वह भी करता था| Read more about नकल बिन अकल

परिचय से मिलता है साहस

बंदरिया खाए सिवइयां

एक थी बुढ़िया| उसका एक बेटा था| एक रोज उसने बुढ़िया से कहा, ‘मां मैं धन कमाने दुबई जाऊं?’ बुढ़िया बोली, ‘बेटा तुम चले जाओगे तो में अकेली हो जाऊंगी| Read more about बंदरिया खाए सिवइयां

परिचय से मिलता है साहस

शायर का भुर्ता

एक थे शायर| नाम था झंडेलाल जानी| उनकी बीवी का बैंगन बहुत पसंद थे| एक रोज उसने अपने मियां को पुकारा, ‘जानी रे जानी|’ Read more about शायर का भुर्ता