भाई बिधि चंद जी

एक कुख्यात चोर एक बार अर्ध-रात्री को एक गांव से वहां के किसानों की कुछ भैंसे, मवेशी घरों से खोलकर हांकता हुआ किसी अज्ञात स्थान पर उन्हें बेचने के विचार से ले उड़ा। Read more about भाई बिधि चंद जी

ननकाना साहिब के दर्शन

श्री गुरू अर्जुन देव जी ने अनुभव किया कि ऋतु बदलने के साथ लाहौर निवासियों की हालत में बहुत सुधार हुआ है। प्रकृति ने भी वर्षा इत्यादि का उपहार देकर जनसाधारण को राहत पहुँचाई थी। Read more about ननकाना साहिब के दर्शन

श्री गुरू अरजन देव जी के गृह में बालक हरि गोबिन्द जी का प्रकाश

(जन्म) श्री गुरू अरजन देव जी बहुत उदार तथा विशाल हृदय के स्वामी थे वह सदैव समस्त मानवता के प्रति स्नेह की भावना से ओत-प्रोत रहते थे। Read more about श्री गुरू अरजन देव जी के गृह में बालक हरि गोबिन्द जी का प्रकाश

पृथ्वीचन्द के षड्यन्त्र

सम्राट अकबर की सेना में सुलही खान और उसका भतीजा सुलबी खान सैनिक अधिकारी थे। पृथ्वीचन्द राजनैतिक शक्ति से श्री गुरू अर्जुन देव जी को परास्त करना चाहता था। Read more about पृथ्वीचन्द के षड्यन्त्र

सुलबी खान की हसन अली द्वारा हत्या

सम्राट अकबर की सेना में सुलही खान और उसका भतीजा सुलबी खान सैनिक अधिकारी थे। पृथ्वीचन्द राजनैतिक शक्ति से श्री गुरू अर्जुन देव जी को परास्त करना चाहता था। Read more about सुलबी खान की हसन अली द्वारा हत्या

सुलही खान

पृथ्वीचन्द व सुलही खान का ईर्ष्यावश लक्ष्य एक ही था। अत: उनकी मित्रता प्रगाढ़ रूप धारण कर गई। सुलही खान ने सैनिक टुकड़ी लेकर लाहौर से दिल्ली जाना था। Read more about सुलही खान

लाहौर नगर के अकाल पीड़ितों की सहायता

श्री गुरू अर्जुन देव जी को लाहौर की संगत ने आमन्त्रित किया और उनको जनसाधारण की तरफ से प्रार्थना लिख भेजी कि वर्षा न होने के कारण नगर के निम्न वर्ग की दशा दयनीय है। Read more about लाहौर नगर के अकाल पीड़ितों की सहायता

भाई बुद्धू शाह

भाई बुद्धु शाह लाहौर नगर का एक धनाढ्य व्यक्ति था। यह ईटों का निर्माण अथवा व्यापार करता था। Read more about भाई बुद्धू शाह

समन-मुसन

श्री गुरू अर्जुन देव जी को निरन्तर समाचार प्राप्त हो रहे थे कि लाहौर नगर में कई प्रकार के संक्रामक रोग फैले हुए हैं। जिस कारण वहाँ की जनता बहुत परेशान है। Read more about समन-मुसन

शीतला (चेचक) रोग

श्री गुरू अर्जुन देव जी प्रचार अभियान के अन्तर्गत लोक कल्याण के लिए कुछ विशेष कार्यक्रम चला रहे थे, जिसमें अकालग्रस्त क्षेत्रों में कुएं खुदवाना तथा पीड़ितों के लिए लंगर, दवाएं इत्यादि का प्रबन्ध उल्लेखनीय था। Read more about शीतला (चेचक) रोग