श्रीअमरनाथ - Amarnath

श्रीअमरनाथ – Shri Amarnath

श्रीअमरनाथ का मंदिर कश्मीर के बारह हजार सात सौ बानबे फीट ऊँचे एक पर्वत शिखर पर स्थित है। यह देश के सबसे महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है। प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा को रक्षाबंधन के दिन देश के कोने-कोने से हजारों तीर्थयात्री यहाँ की यात्रा करके पुण्यलाभ करने आते हैं। Read more about श्रीअमरनाथ – Shri Amarnath

युद्ध और शान्ति - War and Peace

युद्ध और शान्ति – War and Peace

मनुष्य को स्वभाव, कर्म व गुणों के आधार पर शान्त प्रकृति वाला प्राणी माना जाता है। यद्यपि प्रत्येक मनुष्य के हृदय के भीतरी भाग में कहीं-न-कहीं एक हिंसक प्राणी भी छिपा रहता है। Read more about युद्ध और शान्ति – War and Peace

जहाँ चाह वहाँ राह - Where There is Will There is Away

जहाँ चाह वहाँ राह – Where there’s a will there’s a way

इस संसार में मनुष्य नित नये-नये कार्य आरम्भ करता है। उसके हृदय में नये-नये स्वप्न जन्म लेते हैं, नयी-नयी इच्छाएँ उत्पन्न होती हैं। परन्तु प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता प्राप्त नहीं होती। Read more about जहाँ चाह वहाँ राह – Where there’s a will there’s a way

योगी अरविंद - Yogi Arvind

योगी अरविंद – Sri Aurobindo

आधुनिक भारत के संतों में योगी अरविंद का नाम अव्वल नंबर में शुमार किया जाता है। योगी अरविंद का व्यक्तित्व व कृतित्व बहुआयामी था। अंग्रेजी शिक्षा की छत्रछाया में पले-बढ़े व शिक्षित हुए योगी अरविंद अपनी युवावस्था में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांतिकारी संघर्ष में भी रत रहे। Read more about योगी अरविंद – Sri Aurobindo

महान आत्म बलिदान के परिणाम (Shri Guru Teg Bahadur Ji)

महान आत्म बलिदान के परिणाम (Shri Guru Teg Bahadur Ji)

गुरु तेग बहादुर जी के आत्म-बलिदान के फल-स्वरूप पर-शासित के हृदयों में एक ऐसी क्रांति-भावना पैदा हुई Read more about महान आत्म बलिदान के परिणाम (Shri Guru Teg Bahadur Ji)

Shri Guru Teg Bahadur Ji

गुरु वाणी विचार (Shri Guru Teg Bahadur Ji)

गुरु तेगबहादर जी की वाणी में गुरु ग्रन्य साहिब में सकलित हैं। यह वाणी सम्पूर्ण गुर वाणी के क्रम एवं योजना के अनुसार रोगों में बद्ध है। Read more about गुरु वाणी विचार (Shri Guru Teg Bahadur Ji)

श्री गुरु हर किशन जी की जीवनी (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

श्री गुरु हर किशन जी की जीवनी (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

श्री (गुरू) हरि किशन साहब जी का प्रकाश (जन्म) श्री गुरू हरिराय जी के गृह माता किशन कौर की कोख से संवत 1713 सावन माह शुक्ल पक्ष 8 को तदानुसार 23 जुलाई 1656 को कीरतपुर, पँजाब हुआ। Read more about श्री गुरु हर किशन जी की जीवनी (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

दिल्ली में महामारी का आतंक - Shri Guru Har Kishan Ji

श्री गुरु हर किशन जी – गुरू गद्दी की प्राप्ति (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

श्री गुरु हरिराय जी की आयु केवल 37 वर्ष आठ माह की थी तो उन्होंने आत्मज्ञान से अनुभव किया कि उनकी श्वासों की पूँजी समाप्त होने वाली है। Read more about श्री गुरु हर किशन जी – गुरू गद्दी की प्राप्ति (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

नन्हें गुरु के नेतृत्व में (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

नन्हें गुरु के नेतृत्व में (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

श्री गुरु हरिराय जी के ज्योति – ज्योत समा जाने के पश्चात् श्री गुरू हरिकिशन साहब जी के नेतृत्त्व में कीरतपु में सभी कार्यक्रम यथावत् जारी थे। Read more about नन्हें गुरु के नेतृत्व में (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

कुष्ठि का आरोग्य होना (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

कुष्ठि का आरोग्य होना (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)

श्री गुरू हरिकिशन जी की स्तुति कस्तूरी की तरह चारों ओर फैल गई। दूर-दराज से संगत बाल गुरू के दर्शनों को उमड़ पड़ी। जनसाधारण को मनो – कल्पित मुरादें प्राप्त होने लगी। Read more about कुष्ठि का आरोग्य होना (Shri Guru Harkishan Sahib Ji)