परिचय से मिलता है साहस

बेहतरीन दोस्त किताबें

किताबें… आखिर करती क्या हैं किताबें..? कभी सोचा है आपने? कभी कि है कोशिश इन्हें समझने की, इनसे दोस्ती करने की…?

किताबें मूलत: भाषा और ज्ञान के विकास के लिए जरूरी हैं| किताबें इसलिए भी जरूरी हैं कि बच्चों में बिना किसी व्यक्ति के भी ज्ञान या सूचना प्राप्त करने की क्षमता विकसित हो सके| किताबें दरअसल वह जरिया हैं| जिनके सहारे हम उस समय को भी जान समझ पाते हैं, जो हमारी पहुंच से बाहर हैं| इन किताबों के माध्यम से हम आने वाले समय व स्थितियों को समझ सकने की एक दृष्टि भी पाते हैं| किताबें एक खूबसूरत संसार रचती हैं और हमें बताती हैं कि ऐसा संसार बनाया जा सकता है, जहां सभी प्यार और बराबरी से रह सकें| यह ज्ञान और बुद्धि को सृजित करने व उसे प्रचारित करने की ताकत है| किताबों के पन्नों पर छपे अक्षरों व शब्दों में बहुत ताकत होती है, यह न सिर्फ हमें परीक्षाओं में सफल होने की राह सुझाती हैं, अपितु जीने के बेहतर सुझाकर बेहतर इंसान बनने में भी हमारी मदद करती हैं|

तकनीक के विकास के इस दौर में बच्चे जब गैजेट के आदि होते जा रहे हैं, किताबों से दूर होते जा रहे हैं… ऐसे समय में जरूरी है कि उनकी दोस्ती किताबों से कराई जाए| जब हम किताबों से दोस्ती की बात करते हैं तो सिर्फ पाठ्यक्रम की किताबों की बात नहीं होनी चाहिए| किताबों से बच्चों का संबंध सिर्फ स्कूली परीक्षाओं में अच्छे नंबर लाना नहीं होता अपितु किताबें तो जीवन को समझने में भी हमारी मदद किया करती हैं| किताबों से सीमित होते जा रहे संबंध को विस्तारित किए जाने की जरूरत है ताकि बच्चे आगे चलकर अपने अपने जीवन में सफल होने के साथ-साथ एक बेहतर नागरिक भी बन सकें| कहा भी गया है कि:

“किताबें मानव जगत को एक परिवार रूप में परस्पर बांधने, एक साझा इतिहास संचित रखने, एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए इतिहास व विरासत को संजोने में सहायक होती हैं जिससे ये सभी ध्वनियां मानवीय आकांक्षाओं के समवेत संगीत के रूप में सुनाई देती हैं|”

किताबों या यों कहें कि लिखे हुए शब्दों का इतिहास वस्तुत: मानवता का इतिहास होता है, किताबों के माध्यम से ही हम अपने इतिहास से परिचित होते हैं, किताबें दरअसल भूत और भविष्य को जोड़ने वाली सेतु होती हैं| व्यक्ति के विकास के समान्तर समाज के विकास हेतु आवश्यक बदलाव लाने की दिशा में किताबों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती हैं|

बच्चों के लिए किताबें कितनी जरूरी हैं, इस बात को यों भी समझा जा सकता है कि शब्दों के परिचय से भाषा के ज्ञान तक में किताबें मददगार होती हैं| कई बार ऐसा भी होता है, पढ़ने के क्रम में हम बहुत सारे ऐसे शब्दों से गुजरते हैं जो हमारे लिए बिलकुल नए होते हैं, जिनके मायने हमें मालूम नहीं होते| ऐसी स्थिति में भी हम संदर्भ से कुछ न कुछ ग्रहण करते हैं, जो उस शब्द को लेकर हमारी समझ को और गहरा करता है| इस तरह शब्दों से हमारी पहचान कराने में, हमें भाषिक तौर पर समृद्ध करने में किताबें हमारी सहायता करती हैं| किताबें ज्ञानार्जन का बेहतरीन माध्यम हैं| किताबों के जरिए बच्चे विश्व भर के विचारों, व्यक्तियों व स्थानों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी हासिल कर सकते हैं| कहानी की किताबें बच्चों को संबंधों व भावनाओं के संसार से परिचित कराती हैं और साथ ही उनकी कल्पनाशीलता को भी विकसित करती हैं| रचनात्मक किताबें बच्चों को एक नई दुनिया में ले जाती हैं, नए किरदारों से उनका परिचय कराती हैं| बच्चे अपने आसपास की दुनिया से जल्दी प्रभावित होते हैं, इसीलिए अच्छी किताबें उनमें बेहतर मानवीय गुणों मसलन, सहयोग, सहिष्णुता, संवेदनशीलता आदि को विकसित कर उन्हें एक बेहतर इंसान बनाती हैं| किताबों से दोस्ती करते हुए विषयों को समझने की दृष्टि मिलती है, स्थितियों को समझने, तर्क करने की प्रवृत्ति विकसित होती है| यही नहीं किताबें मनोरंजन का जरिया बन सकती हैं, उन्नत प्रोद्योगिकी के आज के दौर में जब हर चीज के लिए तकनीक पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है, ऐसे में किताबों से दोस्ती और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है|

किताबें कई तरह की होती हैं- रचनात्मक, तथ्यात्मक, आत्मपरक| कहानी, कविताओं की किताबें रचनात्मक श्रेणी में आती हैं तो इतिहास, समाजशास्त्र की किताबें तथ्यात्मक, जिनसे हमें अपने देश-विदेश के विगत समय व विकास के तथ्य पता चलते हैं| आत्मपरक किताबें वे होती हैं जो स्थापित एवं प्रसिद्ध व्यक्तित्वों द्वारा उनके अपने जीवन तथा समय में लिखे गए होते हैं| इन किताबों से हमें उन व्यक्तित्त्वों के जीवन व संघर्षों के साथ-साथ उस समय के सामाजिक राजनितिक स्थिति व संघर्षों का भी पता चलता है| इन सबके अलावा नीति कथाएं हमें नीति संबंधी बोध से युक्त करती हैं| श्रवण कुमार की कहानियां हम सब ने पढ़ी हैं| ये किताबें हमें सही आचरण करने की सीख देती हैं और हमारे चिरित्र निर्माण में सहायक होती हैं| पंचतंत्र जैसी किताबें इसी श्रेणी में आती हैं| ये किताबें जहां एक ओर हमारा मनोरंजन करती हैं, वहीं सामजिक स्थितियों को लेकर धारणा बनाने में हमारी सहायता करती हैं| इस तरह ये किताबें हमें एक साथ कई स्तरों पर समृद्ध करती हैं| किताबें यकीनन हमारी बेहतरीन दोस्त बन सकती हैं| पढ़ने की हमारी आदत हमें ज्ञान व सूचनाओं से समृद्ध तो करती ही हैं, निराश क्षणों में हमें जूझने का हौसला भी देती हैं और इस तरह वे भरोसे और उम्मीद जैसे भावों को बचाए रखने का काम भी करती हैं|

इन सबसे इतर किताबें सामाजिक सरंचनाओं को समझने में उनमें निहित विसंगतियों को समझने और उन्हें दूर करने की दिशा में भी मददगार होती हैं| किताबें न सिर्फ गणित के पेचीदा सवालों को हल करना सिखाती हैं बल्कि जीवन के मुश्किल सवालों के समाधान ढूंढने में भी एक भरोसेमंद दोस्त की तरह हमारी मदद करती हैं| सामाजिक विकास के साथ-साथ उनमें योग देने वाली हस्तियों से हमारा परिचय कराती हैं| सामजिक जीवन में काम आने वाले बेहद जरूरी सबक भी हमें इन किताबों से मिलते हैं| इन किताबों के माध्यम से हमें हमारी अधिकारों का बोध होता है| पढ़ना हमारे अभिव्यक्ति कौशल को बेहतर करता है| यही नहीं ये किताबें तनाव को दूर करने का भी काम करती हैं|

यहां यह कहना बेहद जरूरी है कि किताबों को पढ़ने के लिए अच्छी किताबों का चयन बेहद जरूरी है| इसलिए ऐसी किताबें जो आपको व्यक्ति के तौर पर समृद्ध करती हैं, उनका चयन सावधानी से किया जाना जरूरी है|

किताबों की भूमिका व्यक्ति के निर्माण में काफी महत्वपूर्ण है| संबंधों समाज के प्रति व्यक्ति के नजरिए को निर्धारित करने में किताबों को बड़ी महती भूमिका होती है| नए विषयों को जानने और किसी भी क्षेत्र से सम्बंधित सूचनाओं को प्राप्त करने की क्षमता भी दरअसल पढ़ने की हमारी क्षमता पर ही निर्भर करती है| इसीलिए जरूरी है कि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित की जाए, कुछ ऐसे कि वे पढ़ने को काम की तरह नहीं बल्कि शौक की तरह अपनाएं ताकि वे पढ़ने का आनंद ले सकें क्योंकि पढाई सिर्फ स्कूल या विश्वविद्यालय की पाठ्यचर्चा तक सीमित नहीं होती वरन जीवन की तरह व्यापक होती है और उतनी ही व्यापकता व सूक्ष्मता से जीवन के हर मोड़ पर एक सच्चे दोस्त की तरह हमारे काम आती है| शेक्सपियर के शब्दों में कहें तो “किताबें ही वह एकमात्र जरिया हैं जो मूर्खता व अज्ञानता सरीखे मनुष्यता के लिए घातक प्रवृत्तियों से लड़ने में हमारी मदद करती हैं|” एक पुरानी कहावत है, आप सब ने अवश्य ही सुनी होगी: कि कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है| स्पष्ट है कि किताबों में निहित विचारों और तथ्यों में बहुत ताकत होती है| विचार आपको मजबूत करते हैं| सही और गलत में फर्क करना सिखाते हैं, जीवन संघर्ष से जूझने का साहस देते हैं और जीतने की उम्मीद को बचाए रखते हैं और इस तरह से मनुष्यता के विकास में, राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं|

जो लोग पढाई को किसी सिमित रूपरेखा में देखते हैं, वे दरअसल किताबों की व्यापक उपयोगिता से अनजान होते हैं| पढ़ना हमें मजबूत बनाता है| एक बड़े साहित्यकार दिनकर की एक बात इस प्रसंग में याद आती है कि ‘ज्ञान व्यक्ति को उदार ही बनाता है|’ हमें यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए और पढ़ने की आदत को बनाए रखना चाहिए और यदि ऐसी आदत आपमें नहीं है तो इस आदत को जल्दी से अपना लेना चाहिए| देखिएगा ये किताबें आपके जीवन को सुंदर बनाएंगी, उसे जीवन से भरपूर बनाएंगी|

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