जहाँ प्रेम है - Where is Love

जहाँ प्रेम है

सर्दियों की ठिठुरती सुबह अचानक दरवाज़ा खटकने की आवाज़ सुनकर घर की मालकिन ने दरवाज़ा खोला| दरवाज़े पर तीन बूढ़े व्यक्तियों को देखकर हैरान रह गई|

महिला ने आश्चर्य से कहा, “क्षमा कीजिए, मैंने आपको पहचाना नहीं| शायद मैंने पहले कभी भी आप तीनों को नहीं देखा|”

महिला की बात सुनकर उनमें से एक बूढ़े व्यक्ति ने कहा, “आप हमें सचमुच नहीं जानतीं| हम तीनों बहुत भूखे और थके हुए हैं| हमें खाने के लिए कुछ भोजन और आराम के लिए जगह चाहिए|”

महिला ने उन्हें घर के अन्दर आने को कहा| उनमें से एक बूढ़े व्यक्ति ने पूछा, “क्या घर के मालिक घर पर मौजूद हैं?”

महिला ने उत्तर दिया, “नहीं, वे घर पर नहीं हैं|”

तब उस बूढ़े व्यक्ति ने कहा, “जब तक घर के मालिक नहीं आ जाते, हम घर के अन्दर नहीं आ सकते|”

महिला ने कहा, “ठीक है|”

शाम को महिला का पति घर आया| उसने अपने पति को तीनों व्यक्तियों के बारे में बताया कि वे सुबह से ही बाहर बैठे, आपका इंतजार कर रहे हैं|

पति के आदेश पर महिला उन तीनों, बूढ़े व्यक्तियों को बुलाने के लिए गई| उनमें से एक बूढ़े व्यक्ति ने कहा, “हम तीनों एक साथ घर में नहीं आ सकते|”

महिला ने हैरान होते हुए पूछा, “क्यों?” उनमें से एक व्यक्ति ने तीनों का परिचय होते हुए महिला को बताया, “पहले व्यक्ति का नाम सुख है, दूसरे का सफलता और तीसरे का प्रेम| अब आप अपने पति से विचार-विमर्श करके बताएँ कि वे हममें से पहले किसे अन्दर बुलाना चाहते हैं|” महिला ने घर के अन्दर जाकर अपने पति को पूरी बात बताई| यह सुनकर उसका पति पहले हैरान हुआ, फिर खुश होकर बोला, “आज मैं सुख को अपने घर आमंत्रित करूँगा| आज के बाद हमारे सभी दुःख-दर्द समाप्त हो जाएँगे| चारों ओर रुपए ही रुपए होंगे|” यह सुनकर महिला नाराज़ हो गई| वह अपने पति की बात से बिलकुल भी सहमत नहीं थी| उसने अपने पति से कहा, “स्वामी| आप बुरा ना मानें तो हम सफलता को अपने घर में आमंत्रित कर लें क्योंकि सफल व्यक्ति का ही जीवन सुखमय होता है|” तभी घर के एक कमरे से उनकी बेटी बोली, “माँ! कितना अच्छा हो कि आप प्रेम को अपने घर में आमंत्रित करें| यदि घर में चारों तरफ प्रेम ही प्रेम होगा तभी हमारा जीवन ज्यादा खुशहाल होगा|”

बेटी की बात सुनकर माता-पिता दोनों ही खुश हो गए| उन्होंने बाहर जाकर प्रेम को अपने घर में निमंत्रित किया|

महिला, उसके पति और बेटी को यह जानकर बहुत खुशी हुई कि प्रेम के साथ सफलता और सुख ने भी उनके घर में प्रवेश कर लिया है| उन्हें खुश देखकर प्रेम ने कहा, “जहाँ प्रेम होता है, वहाँ आपस में सभी के संबंध मधुर होते हैं| सुख और सफलता वहाँ स्वयं ही आ जाते हैं| प्रेम के बिना सफलता और सुख कहीं नहीं रह पाते|”

कथा सार: सच ही कहा गया है, “जहाँ प्रेम होता है, वहीं सुख और सफलता का भी निवास होता है|”

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